Antarvasna Story

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सेक्सी माल मामी को बारिश में चोदा – Antarvasna sex story

दोस्तो आज मैं जो आपको कहानी बताता हूं जा रहा हूं वो मेरी सच्ची कहानी है। मेरा नाम अंकित है और मैं अब 22 साल का हो गया हूं। ये कहानी मेरे और मेरी ममी के बीच के संबंधों की है।आपको बता दें मेरी ममी का नाम सुमन है। रंग से हल्की सावनली लेकिन दिखने में बहुत खूबसूरत है।

बचपन में ही मेरे पिता जी की मृत्यु हो जाने के कारण मैंने अपना बचपन ननिहाल में ही गुजरा है। मेरे ननिहाल में हम कुल 4 लोग। मैं, नाना, नानी और ममी। मेरे मामा बहार जॉब करते थे।अब मैं सीधी कहानी पर अता हूं। ये हमें समय की बात है जब मैं जूनियर कॉलेज में पढ़ता था। जून का माहिना चल रहा था।

गरमियों की छुट्टिया हो चुकी थी। बिजली ना आने पर सब छत पर ही सोते थे। मेरा कमरा छत पर ही था और मैं उसी में सोता था।कभी कभी बारिश होने पर रात में ममी भी वही तो जया करती थी। एक बार की बात है टीवी पर कोई अच्छी पिक्चर आने वाली थी।

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तो ममी ने कहा कि जब रात में रोशनी आएगी तो उन्हें भी जग दू पिक्चर देखने के लिए। मैंने ठीक है कहर रूम में सोने चला गया।रात में जब रोशनी आई तो मैं बहार छत पर ममी को जगने के लिए गया। वहा जाकर जो मैंने देखा मेरा मन वासना में बनने लगा।

मैंने देखा ममी की साड़ी उनके घुटनो से ऊपर लगभाग कमर तक आ गई थी। और साइन पर से भी पल्लू हटा हुआ था और ब्लाउज के 2 बटन भी खुले हुए थे।जिस्मे से उनकी चुचियो की थोड़ी सी झलक मिल रही थी। मैं उनके नजदीक गया और उनके जोड़े के पास बैठ गया। अब मैं उन्हें जगना नहीं चाहता था।

मेरा मन तो उनकी जवानी को देखने का कर रहा था। लेकिन मुझे उनकी चुत नहीं दिखायी दे रही थी अंधे में और कुछ साड़ी के करण।मैं जल्दी से अपने कमरे में से टॉर्च लेकर आया और जलाके उनके जोड़े के बीच में देखने लगा। मुझे उनकी चुत की बहुत हल्की सी झलक मिली।

फिर मैंने धीरे धीरे उनकी साड़ी को ऊपर उठाने लगा और साड़ी के सामने वालों को पेट तक उठा दिया। कसम से पहली बार किसी को छूत देख कर मेरा तो बुरा हाल हुआ जा रहा था।

मैं चुत को छूना चाहता था पर डर के करना कुछ नहीं किया। बस देखता रहा। उनको चुदने की इच्छा मन में दबाके मैं वापस कमरे में आ तो गया क्यों की थोड़ी देर में सबके जागने का वक्त हो जाता है।

उस दिन के बाद से मैं बस उनको चोदने की जुगाड़ में लग गया कि कब मौका मिले और चोद दूं।वो जब भी सोती मैं उन्हें बस देखता रहता था। भगवान ने मेरी जल्दी तो नहीं, फिर भी, सुन ही ली। रोज की तरह वो छत पर और मैं अपने कमरे में सोया हुए थे।

करीब 1 बजे अचानक से बारिश होने लगी। ममी छत से मेरे कमरे में आ गई सोने के लिए और दरवाजा बंद कर दी।मैं निंद में था मुझे नहीं पता चला। रात में जब मेरी एक बार निंद खुली तो मैं दंग रह गया। फिर से एकदुम वही सीन था।

मैंने सोच की आज तो चोद के ही रहूंगा चाहे जो हो जाए। मैंने उन्हें धीरे से हिलाया तो उन पर कोई फ़र्क नहीं पड़ा। मेरी हिम्मत और बढ़ गई। फिर मैंने धीरे से अपना हाथ उनकी जांघो पर रख दिया कोई हरकत ना होने से मेरी हिम्मत और बढ़ गई। मैने हाथ बढ़ाना शुरू किया और उनकी चुत पर रख दिया।

मैं बता नहीं सकता हमें वक्त मुझे कैसा महसूस हो रहा था। उनकी मुलायम चुत को छूते ही मैं पागल सा हो गया।मामी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया न देखे मेरी हिम्मत और बढ़ गई। और मैं उनकी चुत सहलाने लगा। मामी निंद में ही थी।

फिर मैं ऊपर गया और धीरे उनके ब्लाउज के बटन खोल दिए। अनहोन आला ब्रा नहीं पाहिनी थी जिस से उनके चूची आजाद हो गए।

उनके चूचे देखते ही मैं पागल हो गया मन में आया की मसल दू इन्हें लेकिन कंट्रोल किया। धीरे से उनके चूचे पे हाथ रखा और दबाने लगा क्या मजा आ रहा था। फिर मैंने धीरे से उनके एक चूची को मुह में डाल लिया और चूसने लगा।

थोड़ी देरचूसने के बाद मैं फिर से उनकी चुत के पास गया। मैं चुत भी चटना चाहता था और चुत में उन्गली करना चाहता था। मैंने हिम्मत बधाई की जो होगा देखा जाएगा। अपने मुह को सीधे ममामी की चुत पर रख दिया और धीरे धीरे चटाने लगा।

मामी की मुह से हल्की सी सिसकारी निकली। शायद वो जग चुकी थी और उनको भी मज़ा आ रहा था इसलिए कुछ बोल नहीं रही थी।क्योंकि उनको भी चुदे हुए बोहुत साल हो गए थे। मैंने उनके घुटनो को फैलके चुत में जीभ घुसा दी। वो ‘आह’ करके मेरा मुह अपनी चुत पर दबा दी।

अब मेरी हिम्मत बढ़ी थी क्योंकि मामी का भी चुदने का मन कर रहा था। मैं चाटने लगा। वो बार बार मेरा मुह चुत में दबा देती और बोलती, “और जोर से चाटो , आज तक किसी से भी चुत नहीं चाटी मेरी।

कितना मज़ा आ रहा है।” कुछ देर चाटने के बाद मैंने उनकी चुत में अपनी एक उंगली डाल दी।

वो चौक गई और सिसकी भरने लगी। मैं भी उन्गली बाहर अंदर करने लगा। और वो भूलभुलैया लेके चुदती रही उन्गली से। उसके बाद में उनके कान के पास जाके बोला, “सब मजा अकेले ही लोग या मुझे भी कुत्ते?”

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बस फिर क्या वो झटसे बैठी और मेरे कपड़े उतार दी। मैंने भी उनके कपड़े उतार दिए। अब हम दोनों एक दूसरे के सामनें नगे थे। मामी ने मेरा लंड अपने हाथों में लिया औरा उम्र पीछे करने लगी। दोस्तो मैं बता नहीं सकता उस वक्त मुझे कितना मजा आ रहा था।

उसके बाद मैंने अपना लंड मामी के मुह में डाल दिया। और वो इकदुम लॉलीपॉप की तरह मेरे लंड को चुनने लगी। मैं उनके मुह में ही झड़ गया और वो सारा माल पाई गई।

उनका मेरा लंड चुस्के फिर से खड़ा किया और बोली, “राज अब मत तडपाओ, चोद दो मुझे। बोहुत दिनों से चुदने का मन कर रहा था।” मैं भी इतना सुनते ही सीधे उनके टैंगो के बीच आ गया और अपने लंड को उनकी चुत पर रगड़ने लगा। मामी के मुह से सिसकारिया निकलने लगी।

फिर मैंने उनके टैंगो को फैलते चुत के मुह को खोला और लंड रखके ज़ोरदार धक्का मारा। ममी चिल्ला उठी बोली, “आराम से करो।” फिर मैं रुक गया और धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा। पहली बार किसको चोदने में बड़ा मजा आ रहा था।

थोड़ी देर ऐसे ही चोदने के बाद मैंने लंड निकला और मामी को घोड़ी बनाना के लिए बोला।और उनके पिछे से उनकी चुत में अपना लंड डाल दिया और चोदने लगा।

मामी ने कहा, “ऐसे तो मुझे तुम्हारे मामा ने कभी नहीं चोदा । और जोर से चोदो बहुत अच्छा लग रहा है। फड़ दो मेरी चुत को।” करीब 35 मिनट की चुदाई के बाद हम दोनो झड़ गए। मैं अपना लंड मामी की चुत में ही डालके सो गया। सुबह मेरी नींद देर से खुली।

जब उठा तो देखा मामी खाना बना रही थी। मुझे देखे हल्की सी स्माइल दी और खाना बनने लगी। उस दिन के बाद से हम दोनों रोज रात को चुदाई करते थे।
इंटरमीडिएट की बाद में अपने घर आ गया और मामा सबको अपने साथ लेके चले गए। आज भी मुझे वो अपनी पहली चुदाई बहुत याद आती है।

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