Antarvasna Story

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सासु मां की चुदाई

दोस्त की चुदक्कड़ सास की मज़ेदार चुदाई – antarvasna story

antarvasna story : नमस्कार दोस्तों antarvasnastory.net.in आप सभी का स्वगत है | मैंने अपने नवविवाहित दोस्त की सास की चुदाई की| इस सेक्स भरे खेल की शुरुआत मेरे दोस्त की शादी वाली रात को ही हो गयी थी| सास की चुदाई की कहानी का मजा लें|

दोस्तो, मेरा नाम मोहित है| मैं up के मथुरा जिले से हूँ| आप लोगों को अपने बारे में बता दूं कि मैं मुंबई में जॉब करता हूँ और पार्ट टाइम शादीशुदा लेडीज को सेक्स सर्विस भी देता हूं|

ये सेक्स कहानी मेरे एक दोस्त की सास की चुदाई की सच्ची कहानी है, जो मेरे शहर से कुछ दूर एक दूसरे कस्बे में रहती हैं| वैसे तो मैं अभी तक 10 महिलाओं को अपनी सेवा दे चुका हूं, मगर ये कुछ खास ही चुदाई हुई थी, जो मैं कभी नहीं भूल सकता|

मैं पहले आपको अपने दोस्त की सास का परिचय करवा देता हूँ| उनका नाम सुनीता है और उनकी उम्र 47 साल की रही होगी| सुनीता जी का शरीर पूरा भरा हुआ है| उनके मम्मे 36 इंच के हैं|

उनको मैंने जब पहली बार देखा था, तो मेरा लंड सलामी देने लगा था| उन्हें देख कर पहले तो ये लगा ही नहीं था कि ये सास हैं| मैंने तो उन्हें दोस्त की बीवी की बड़ी बहन समझा था| ये बात दो साल पहले मेरे खास दोस्त की शादी की उस समय की है|

जब मैं उसकी बारात में गया था| बारात दरवाजे पर पहुंची| लड़की वालों की तरफ से बहुत सी सुंदर-सुंदर लड़कियां भाभियां और आंटियां आई हुई थीं| मेरे सब दोस्त उन्हीं को देख कर आंखें सेंक रहे थे |

वासना भरी सासू मां की प्रचंड चुदाई – Sasu Maa Ki Chudai

दोस्त की चुदक्कड़ सास की मज़ेदार चुदाई - antarvasna story

कुछ देर बाद मैं स्टेज पर अपने दोस्त के साथ बैठा हुआ बातें कर रहा था| फिर वरमाला का प्रोग्राम हुआ, तो सभी लोग उसमें मजा लेने में लगे हुए थे| उसी समय मुझे वाशरूम जाना पड़ा|

मैं अपने दोस्त को बोलकर वाशरूम की ओर चला गया| मैंने मालूम किया तो पता चला कि वाशरूम डिनर हॉल से निकल कर दूसरी तरफ बने हुए थे| मैं वहां जाने लगा| उधर अन्दर डिनर हॉल में कुछ लेडीज खाना खा रही थीं |

मैं उनकी सुन्दरता को देखता हुआ आगे बढ़ गया| जब वहां से मैं बाथरूम की ओर गया, तो मुझे एक रूम का गेट थोड़ा खुला हुआ दिखाई दिया| मैंने देखा कोई औरत पीछे मुँह करके कपड़े पहन रही थी| मैं उन्हें देख कर रुक गया|

तभी उनकी आवाज आई- सोनी, जरा मेरी ब्रा का हुक तो लगा देना| मैंने इधर उधर देखा तो उधर कोई दूसरी लड़की दिख ही नहीं थी, यानि ये आवाज उसने मेरी आहट पाकर शायद मुझे ही सोनी समझ लिया था| पहले तो मैं एकदम से डर गया और वहां से आगे जाने की सोचने लगा|

तभी उन्होंने फिर से आवाज़ दी कि सुनाई नहीं देता सोनी … मुझे देर हो रही है … जल्दी कर दे| पहले ही मुझे दूसरी साड़ी पहननी पड़ रही है| मैं डरते हुए उसके पास गया और उसकी ब्रा का हुक लगा दिया और मैं वहां से निकलने लगा|

उसी समय वो मुड़ी, तो सोनी की जगह मुझे पाकर हड़बड़ा गई| फिर वो मुझे देख कर अपना साड़ी का पल्लू लेकर बोली- कौन हो तुम? मैं हड़बड़ा गया और बोला- आपने ही तो मुझे बुलाया था|

वो बोली,मैं अपनी भतीजी को बुला रही थी … तुम कौन हो? मैं बोला, मेरा नाम मोहित हैऔर जिस लड़के की शादी है, वो मेरा दोस्त है| तो वो शर्माते हुए बोली,ओह मैं उनकी सास हूँ|

मैंने उनको नमस्ते की और उन्हें देखने लगा| वो अपनी साड़ी पहनने लगी और मुझे देख कर मुस्कुराते हुए कहने लगीं- थाली से हल्दी गिर जाने से मेरे कपड़े खराब हो गए थे, इसलिए मुझे कपड़े बदलने आना पड़ा|

उनकी मुस्कुराहट भरी आवाज से मेरा भी डर कम हो गया और मैं उधर से जाने लगा| दोस्त की सास बोलीं, आप जरा अन्दर आओ मुझे अलमारी से कुछ निकलवाना भी है |

मेरी पहुंच उधर तक नहीं हो पा रही है| अभी तुम्हारे अंकल भी नहीं हैं| वो द्वारचार के लिए चले गए हैं| उन्होंने ऐसे बोलते हुए अपना नीचे का होंठ दबा लिया| तो मेरी समझ में आ गया कि ये चालू माल है|

मैंने कहा- पहले मुझे जरा बाथरूम जाना है, उधर से आकर अभी सामान निकाल देता हूँ| दोस्त की सास बोलीं अन्दर बाथरूम है न … इधर ही फारिग हो लो| मैं उनके कमरे के बाथरूम में घुस गया|

उधर शायद उनकी ही ब्रा पैंटी पड़ी थीं| मैंने पैंटी को उठा कर सूंघा, तो मस्त हो गया| शायद वो अपनी चूत में कुछ खुशबू लगाती थीं| फिर जब मैं बाथरूम से बाहर आया, तब तक वो साड़ी पहन चुकी थीं| मुझे देख कर बोलीं,मैंने आपका नाम नाम तो पूछा ही नहीं क्या है?

मैंने उनको अपना नाम मोहित बोला और मैं उनकी अलमारी से सामान निकालने के लिए आगे बढ़ा| जब मैं स्टूल पर ऊपर से सामान दे रहा था, तो उनके गहरे गले के ब्लाउज में साफ़ दिख रहे मम्मे मुझे मस्ती दे रहे थे|

दोस्त की सास के मम्मे देख कर मेरा पप्पू पैंट के अन्दर सलामी देने लगा| मैंने अपने आप पर बड़ी मुश्किल से संयम किया| दोस्त की सास भी शायद ये समझ चुकी थीं| पता नहीं सामान लेने में या जानबूझ कर उन्होंने अपने पल्लू को ढलक जाने दिया|

उनकी चूचियों का मदमस्त नजारा मेरा हाल खराब करने लगा| इतने मैं मेरा बैलेंस बिगड़ गया और मैं अपने दोस्त की सास के ऊपर गिर पड़ा| हड़बड़ाहट में मेरा एक हाथ उनके मम्मों पर चला गया और दूसरा हाथ उनके पेट का सहारा लेता हुआ उनकी नाभि पर जा लगा|

इस वजह से वे भी घबरा सी गईं और उनके मुँह से ‘ओ मर गई||’ निकल गई| उस समय मुझे न जाने कहां से हिम्मत आ गई और मैंने उनको एक किस कर दिया किस करने के बाद मैंने उनको छोड़ा नहीं, बस यूं ही उनकी तरफ देखने लगा |

अचानक न जाने क्या हुआ, वो भी मुझे पकड़ कर किस करने लगीं|मुझे मजा आ गया| अब मैं भी उनको बहुत देर तक किस करता रहा| फिर मैं उनके मम्मे दबाने लगा|वो मस्त होने लगीं और बहुत जोर से सीत्कार करने लगीं|

वो भी जोश में आकर मुझे किस करने लगीं … कुछ ही देर के इस चूमाचाटी के प्रोग्राम में शायद वो झड़ गई थीं| फिर वो मुझसे अलग हुईं और बोलीं, अब बर्दाश्त नहीं होता, जल्दी से चोद दे मुझे| समय भी कम है |

बस दस मिनट में ही मुझे मजा दे दे| मैं उनकी ये डिमांड सुनकर जोश में आ गया| मगर वहां चुदाई के खेल खेलने में खतरा था, तो मैंने उनकी चूचियां मसलते हुए कहा अभी सब्र रखो आंटी, जल्दीबाजी में मजा नहीं आएगा| मुझे मौक़ा मिलते ही मैं आपको मस्ती से चोदूंगा|

वो भी मेरी बात सुनकर चुप हो गईं| मैं उनको प्यासा छोड़कर चला आया| मुझे भी दोस्त के पास से आए हुए बहुत देर हो गई थी| जब मैं स्टेज पर आया, तो मेरा दोस्त पूछने लगा, कहां चला गया था? कितनी देर लगा दी|

मैं बोला,कहीं नहीं यार जरा डांस देखने लगा था| कुछ देर बाद उनकी सास आशीर्वाद देने स्टेज पर आईं और मुझे देख कर मुस्कुरा कर वापस चली गईं| मैंने भी उनको देख कर स्माइल की और शादी का मज़ा लेने लगा|

चुदक्कड़ सासु माँ की प्यासी चूत मारी – sasu maa ki chudai

दोस्त की चुदक्कड़ सास की मज़ेदार चुदाई - antarvasna story

कुछ टाइम बाद एक छोटा लड़का आया तो वो मुझसे बोला- जीजा, आपको मम्मी बुला रही हैं| मेरा दोस्त बोला, जा शायद तुझसे कोई काम होगा| मैं अन्दर गया, तो सुनीताआंटी बोलीं, मोहित , तुम अपना नम्बर मुझे दे दो|

मैंने उनको अपना नम्बर दे दिया और चला आया| शादी की पूरी विधि चलती रही| मुझे इतना समय ही नहीं मिला कि मैं सुनीताआंटी की चुदाई कर सकूं| विदाई के बाद मैंने उनको एक कोने में ले जाकर चूमा|

उनके मम्मे दबा कर उनसे जल्द ही आकर दोस्त की सास की चूत चुदाई करने का वादा किया और वापस आ गया| दो दिनों के बाद आंटी का फोन आया और बहुत ही सेक्सी आवाज आई| मुझे उनका नम्बर मालूम ही नहीं था, तो ये नम्बर मेरे लिए एक अनजान नम्बर था|मैं बोला, कौन? आंटी बोलीं, इतनी जल्दी भूल गएमैं सुनीता बोल रही हूँ|

मैं,ओह याद आया ,आप हैं … आपको कैसे भूल सकता हूँ जान , बोलो क्या काम है?आंटी कामुक आवाज में बोलीं, अधूरा काम पूरा नहीं करोगे? मैंने बोला, हां जरूर करूंगा| अब मेरे मन में लड्डू फूटने लगे थे|

मैं बस इस फिराक में था कि कब मुझे उनसे मिलने का मौका मिले और आंटी की चूत चुदाई का मजा ले सकूं|उस दिन मैंने दोस्त की सास सुनीताआंटी के नाम की दो बार मुठ मारी और ठंडा हो कर सो गया|

अगले दिन आंटी का फोन आया और उन्होंने मुझे घर आने के लिए कहते हुए बताया कि आज आ जाओ, तेरे अंकल भी घर पर नहीं हैं|मैं खुश हो गया कि दोस्त की सास की चुदाई का मौक़ा मिलेगा|

शाम को बाइक से उनके यहां चला गया, तो उन्होंने मेरा बहुत स्वागत सत्कार किया| मैं उनके घर पर रात रुकने के नजरिये से आया था| आज अंकल भी घर पर नहीं थे|मैं तो बस उनकी मदमस्त चूचियों को ही देखे जा रहा था|

आंटी भी झुक झुक कर मुझे सब्जी आदि दिए जा रही थीं|एक बार जब वो झुकीं, तो मैंने सबकी निगाह बचाते हुए उनके कान में कह दिया- मैं अपने दोस्त की सास की चुदाई करने आया हूँ|

वो मेरी तरफ देख कर मुस्कुराने लगीं|दो घंटे बाद रात गहराने लगी थी| इस खाना खाने के बाद सब अपने कमरों में सोने चले गए| मैं भी लेट चुका था|तभी सुनीताआंटी आयी, वो मुझे चिकोटी काटते हुए बोलीं- सो गए क्या?

मैं बोला,नहीं तो!वो बोलीं, चलो खेल शुरू करते हैं|वो उठते हुए कमरे में जाने लगीं और मुझे पीछे आने का इशारा कर दिया|मैं उनके कमरे में गया, तो मैंने पूछा- अंकल कहां गए हैं| क्या रात को वापस आ जाएंगे?

वो बोलीं, वो इधर कम ही आते हैं| पास के गांव में खेती करवाते हैं, मैं यहां अकेली बच्चों के साथ रहती हूं|मुझे मालूम था कि उनके चार बच्चे थे| मगर उनको देख कर ये नहीं लगता था कि ये चार बच्चों की मां हैं|

ये मुझे काफी बाद में पता लगा था कि उनके पति की उम्र उनसे काफी ज्यादा थी| अंकल 54 साल के थे और वो अब उन्हें लंड का सुख नहीं दे पाते थे|मैंने उन्हें बांहों में ले लिया और किस करने लगा|

तो वो भी मेरा साथ देने लगीं| हम दोनों चिपक कर किस करने लगे| वो ‘ओह्ह आह||’ की आवाज निकालने लगीं|कुछ ही देर बाद मैंने उनके ब्लाउज़ और ब्रा को निकाल दिया| सुनीताआंटी के रसीले मम्मे बाहर निकल कर हवा में उछलने लगे|

मैं उनके दोनों मम्मों को अपने हाथों में भर कर जोरों से दबाने लगा| वो बहुत ज़ोर से ‘ओह्ह आह … ओह्ह आह||’ की आवाज़ निकालने लगीं|फिर उन्होंने मेरी पैंट निकाल कर मेरा लंड बाहर निकाला और मस्ती से उससे खलने लगीं|

मैंने आंटी से लंड चूसने का कहा, तो नीचे बैठ कर आंटी लंड चूसने लगीं|आह क्या मज़ा आने लगा था दोस्तो मेरे दोस्त की सास लंड बहुत अच्छा चूसती थीं|उनके लंड चूसने से मेरे मुँह से कराह निकलने लगी,आह सुनीतारानी … और जोर से लंड चूसो|

आह … कितना मस्त चूसती हो … आह बड़ा मज़ा आ रहा है … मेरे आंड भी सहलाओ रानी| सुनीताआंटी मस्ती से मेरे आंड चाटते हुए मेरे लंड को फुल मजा देने में लगी थीं मैं उनके मम्मे मसलने लगा था |

कुछ देर बाद सुनीताआंटी बोलीं- अब अपना लंड मेरी चूत में जल्दी से अन्दर डाल दो| मैं बहुत प्यासी हूँ |मैंने उनको अपने नीचे लिटा कर दोस्त की सास की चूत में एकदम से अपना लंड डाल दिया|

उनके मुँह से जोर की आवाज़ निकली- आह … मार दिया फाड़ दी मेरी चूत … धीरे चोदो मोहित जी … आपका लंड बहुत मोटा और बड़ा है तुम तो मार ही डालोगे|मैं बोला, दामाद के दोस्त के लंड का मज़ा लो मेरी सासू अम्मा!

मैं धीरे-धीरे दोस्त की सास की चूत में लंड के धक्के मारने लगा| वो गांड उठाते हुए ‘ओह्ह ओह ’ की मादक आवाजें निकालने लगीं|मैं उनकी चूचियों को भींचते हुए उनकी चूत में पूरा लंड अन्दर बाहर करते हुए दोस्त की सास की चुदाई का मजा लेने लगा|

दोस्त की सास- आह चोदो … आह मज़ा आ रहहा है … आह आह उम्म! अब उनकी चूत से फच फच की आवाज़ आने लगी थी| वो मस्ती से चुदते हुए कह रही थी- आह आज न जाने कितने दिनों बाद मुझे चैन मिला है |

आह मज़ा आ रहा है| मेरी ऐसी चुदाई बहुत दिनों बाद हुई| मेरी प्यासी चूत को बड़ा जानदार लंड मिला है ओह्ह|कुछ ही देर बाद आंटी झड़ गईं और निढाल हो गईं,
मगर अभी मेरा नहीं हुआ था, तो मैंने उनको बताया| वो हांफते हुए बोलीं- एक मिनट रुक जाओ|

मैंने लंड निकाला, तो अगले ही पल वो घोड़ी बन गईं और पीछे से चुदाई करने का इशारा करने लगीं| मैं पीछे से लंड पेल कर चूत चोदने लगासुनीताआंटी बड़े मजे से मेरा लंड चूत में ले रही थीं| और मादक आवाजें भी निकाल रही थीं- आह आह मार दिया|

चुदक्कड़ सास को दामाद के लंड का शौक -sasu maa ki chudai

दोस्त की चुदक्कड़ सास की मज़ेदार चुदाई - antarvasna story

फिर कुछ देर बाद सुनीताआंटी मेरे लंड के ऊपर आ गई| उन्होंने मेरा लंड अपनी चूत पर सैट किया और धक्के मारने लगीं|मैं उनके मम्मे मसलता हुआ ज़ोर ज़ोर से दोस्त की सास की चुदाई कर कर रहा था |

आंटी ‘आह हहह||’ करते हुए गांड उछाल रही थीं|फिर मेरा निकलने को हुआ, तो मैं उनको नीचे लिटा कर जोर जोर से चोदने लगा| पूरा कमरा फच फच फक फच की आवाजों से भर गया|कोई बीस शॉट लगाने के बाद मैं झड़ गया| हम दोनों हांफने लगे|

कुछ देर बाद हम दोनों चिपक कर फिर से चूमाचाटी करने लगे|उस रात मैंने उनको 3 बार चोदा और सुबह मैं अपने घर आ गया| अब जब भी उन्हें मेरे लंड की जरूरत होती, तो वो मुझे फ़ोन कर देतीं और मुझसे खूब चुदवातीं |

दोस्तो, यह मेरी पहली सेक्स कहानी थी दोस्त की सास की चुदाई की, अगर लिखने में कुछ गलती हुई हो, तो नजरअंदाज कर दीजिएगा|अब मैं मुंबई आ गया हूं| उनका रोज फ़ोन आता है, मगर मैं नहीं जा पाता हूं|

उन्होंने अपनी एक सहेली को भी मुझसे चुदवाया था| वो सेक्स स्टोरी मैं अगली कहानी में लिखूंगा | सास की चुदाई की कहानी केई लगी आपको? मुझे मेल करके बताएं| इसके अलावा आप कहानी पर नीचे कमेंट करके भी अपनी राय दे सकते हैं|

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